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दिल्ली विधानसभा ने दिल्ली में हाल ही में मेट्रो किराए में हुए इज़ाफ़े की समीक्षा के लिए एक 9 सदस्य समिति बनाई है, दिल्ली विधानसभा की ये समिति डीएमआरसी के उस तर्क का गहराई अध्ययन करेगी जो तर्क डीएमआरसी मेट्रो किराया बढ़ाने के पीछे दे रहा है।

इसके साथ ही विधानसभा की ये 9 सदस्य समिति दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की वित्तीय स्थितियों की भी समीक्षा करेगी ताकि दिल्ली मेट्रो की तरफ़ से दिए जा रहे तर्क की सच्चाई पता लग सके। आपको बता दें कि दिल्ली मेट्रो ने हाल ही में मेट्रो ट्रेन के किराए में पांच महीने में ही लगातार दूसरी बार बढ़ोतरी की है और उसके पीछे तर्क यह दिया गया है कि मेट्रो घाटे में चल रही है। अब दिल्ली विधानसभा की ये समिति दिल्ली मेट्रो के तर्क की गहराई से समीक्षा करेगी।

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Ravi Brahmapuram

3 Comments

    • Vijoy

      Any govt. operated organisation that is serving the people and is running like a company must be subjected to audit by CAG. It includes organisations like DMRC or any public transport system the electric supply companies.

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    • Swami

      Metro is for the people, by the people and of the people. Koi sabun bechnewali munafakhor company nahin. Leave it sacrosanct for the common man utility with no price hikes. Afterall govt. Are for public welfare. Common I say.

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      • John Ferns

        You are 100% right.
        Voters select them to work in the interest of Voters and not to work for themselves.
        Any projects which has more than 50% objection must be Scrap. Because Government is selected by this people who has objection in this project.

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